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यूपी से लेकर उत्तराखंड तक ब्लैकलिस्टेड है ये ठेकेदार, समाजसेवा के ढोंग के पीछे राजनीतिक महात्वाकांक्षा, अफसर नतमस्तक

बरेली। कन्याओं के सामूहिक विवाह के नाम पर समाजसेवा का दिखावा करने वाले ठेकेदार रमेश गंगवार के काले कारनामों का लंबा चिट्ठा है। यूपी से लेकर उत्तराखंड तक रमेश गंगवार की फर्म सत्य सांई बिल्डर्स एंड कांट्रेक्टर्स को ब्लैक लिस्टेड किया जा चुका है। उनकी फर्म ने निर्माण कार्यों में लापरवाही की, समय का दुरुपयोग किया। इस वजह से उत्तराखंड के चीफ सेक्रेट्री ने उनकी फर्म के टेंडर डालने पर प्रतिबंध लगा दिया। यहां तक की एमडी मध्यांचल ने भी सत्य सांई बिल्डर्स को ब्लैक लिस्टेड कर रखा है। बरेली स्मार्ट सिटी के 12 करोड़ के वेस्ट ट्रांसफर स्टेशन का काम पूरा न होने की वजह से फर्म को ब्लैक लिस्टेड किया गया है। हालांकि अधिकारी नगर निगम के पत्र को दबाए हुए हैं। रमेश गंगवार की फर्म की लापरवाही, निर्माण में देरी और अक्षम होने की वजह से बीडीए ने भी पांच लाख का जुर्माना लगाया है। फर्म को बीडीए ब्लैक लिस्ट करने की तैयारी में है।

ठेकेदारी में ब्लैकलिस्टेड, कर्जदारों की लाइन, महत्वांकांक्षा राजनीतिक फलक पर चमकने की

ठेकेदार रमेश गंगवार के खिलाफ दर्जनों शिकायतें अफसरों की टेबल पर हैं। नगर निगम से लेकर बिजली विभाग तक उनकी फर्मों को ब्लैकलिस्टेड किया जा चुका है। इसके बावजूद अधिकारी ठेकेदार रमेश गंगवार के सामने नतमस्तक रहते हैं। रविवार को हुए सामूहिक विवाह कार्यक्रम में बरेली के सभी अधिकारियों ने अपनी हाजिरी लगाई। सभी के साथ फोटो भी खिंचाए गए। जब इतने बड़े बडे़ अधिकारी रमेश गंगवार के बुलावे पर दौड़ रहे हैं तो कौन सी सरकारी एजेंसी ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करेगी या ठेकेदार से तय समय में काम पूरा करवा पाएगी। इन हालात में तो ब्लैक लिस्टेड ठेकेदार की मनमानी चलेगी। ठेकेदार पिछले दिनों विधानसभा का टिकट मांगने के लिए चक्कर लगा रहे थे। अब वह लोकसभा चुनाव की तैयारी कर रहे हैं। भाजपा से टिकट पाने के लिए उन्होंने विचारधारा वाले संगठन के कुछ पदाधिकारियों को अपने खेमे में कर रखा है। उनके माध्यम से वह राजनीति के फलक पर चमकने के लिए बेचैन हैं।

उत्तराखंड के मुख्य सचिव ने अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखकर किया खुलासा

रविवार को खुद को सामाजिक कार्यकर्ता बताने वाले रमेश गंगवार ने मुड़िया अहमदनगर के सहारा ग्राउंड पर 251 कन्याओं के विवाह का कार्यक्रम आयोजित कराया। उत्तराखंड के तत्कालीन मुख्य सचिव सुखवीर सिंह संधू ने अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखकर इस मामले का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड सरकार की तरफ से सत्य सांई बिल्डर्स एंड कांक्ट्रेक्टर को ब्लैकलिस्टेड किया गया है। वहीं मध्यांचल विद्युत निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक ने भी लापरवाही के चलते ब्लैकलिस्टेड किया है। बीडीए उपाध्यक्ष मनिकंडन ए. ने कन्वेंशन सेंटर निर्माण में धीमी गति पर कार्यदायी संस्था सत्य साईं पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया। बीडीए ने कई बार ठेकेदार को नोटिस जारी किया लेकिन इसके बावजूद तय समय पर काम पूरा नहीं हुआ। दरअसल पुराने बीडीए वीसी से दोस्ताने की वजह से रमेश गंगवार को बीडीए के अधिकांश ठेके मिलते थे। जिन्हें वह सबलेट कर छोटे ठेकेदारों को दे देते थे। अब नए वीसी के आने के बाद ये दुकान भी बंद होने लगी है।

अभी तक हैंडओवर नहीं हुआ वेस्ट ट्रांसफर स्टेशन और एमआरएफ

शहर में 12.84 करोड़ के लागत से चार ट्रांसफर स्टेशन पर काम किया। किला गैराज, स्वाले नगर, पीलीभीत बाईपास और सीआई पार्क गैराज में ट्रांसफर स्टेशन की रूपरेखा बनी थी। शहर में गली-मुहल्लों से उठने वाला कूड़ा यहां आएगा। यहां लगे एमआरएफ (मेटेरियल रिकवरी फेसिलिटी) पर सूखा कूड़ा अलग कर उसके पदार्थो को दोबारा निर्माण के लिए कंपनियों को बेच दिया जाएगा। किला गैराज में फिलहाल एमआरएफ नहीं लगेगा। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत ट्रांसफर स्टेशन के सप्लाई पार्ट पर 6.66 करोड़ और सिविल पार्ट पर 6.28 करोड़ खर्च किया गया। रमेश गंगवार की फर्म ही इसका निर्माण कर रही है। नगर निगम सूत्रों के मुताबिक स्मार्ट सिटी की 134 परियोजनाओं में 132 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, लेकिन ठेकेदार रमेश गंगवार स्मार्ट सिटी को परियोजना पूरी कर हैंडओवर नहीं कर पाये हैं। इस वजह से नगर निगम ने उनकी फर्म को ब्लैक लिस्टेड करने की संस्तुति कर एक अधिकारी को भेजा है, अधिकारी एक्शन लेने के बजाए लेटर को दबाये बैठा है।

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Author: HBC Headlines

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