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मंडल में कुंवारे रह जाएंगे सैकड़ों युवा, इन जिलों में लड़कों से ज्यादा लड़कियां, जानें क्या है मामला

 

बरेली। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान ने समाज में जागरूकता बढ़ाकर काफी दम भरा है। इसके बावजूद लिंगानुपात कम होने का नाम नहीं ले रहा है। बरेली पीलीभीत, बदायूं, शाहजहांपुर में सैकड़ो युवा अभी भी कुंवारे रह जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग की चौंकाने वाली रिपोर्ट में खुलासा होने के बाद अभियान को और तेज करने की जरूरत है।

जौनपुर बहराइच और सोनभद्र में लड़कों से ज्यादा लड़कियां

प्रदेश भर के स्वास्थ्य विभाग के जारी आंकड़ों में 1000 लड़कियों के सापेक्ष 771 लड़कियां जन्म ले रही हैं। जौनपुर में 1000 लड़कों के सापेक्ष 1041, बहराइच में 1016 और सोनभद्र में 1014 बेटियां जन्म ले रही हैं। स्वास्थ्य विभाग के जारी आंकड़ों के अनुसार जौनपुर प्रथम स्थान पर है, लेकिन गाजियाबाद, हमीरपुर, कुशीनगर, लखनऊ, मथुरा, मुरादाबाद, उन्नाव, औरैया, अयोध्या, बदायूं, बाराबंकी, भदोही, चित्रकूट, एटा और इटावा के अनुपात में भी सुधार है। इन जिलों में 1000 बेटों के सापेक्ष 950 बेटियां हैं।

झांसी में 771 और अलीगढ़ में 1000 पर 806 लड़कियां

प्रदेश में झांसी और अलीगढ़ की हालत सबसे ज्यादा खराब है। झांसी में 1000 लड़कों पर 771 लड़कियां और अलीगढ़ में 1000 लड़कों के सापेक्ष 826 लड़कियां जन्म ले रही हैं। स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल पर अपलोड ब्यौरे के माध्यम से इन जिलों पर नजर रखी जा रही है ताकि लिंगानुपात को कम कराया जा सके।

बरेली मंडल में पीलीभीत में सबसे कम जन्म ले रहीं लड़कियां

बरेली मंडल में लिंगानुपात की बात की जाए तो बदायूं सबसे बेहतर है और पीलीभीत सबसे फिसड्डी। पीलीभीत में 1000 लड़कों के सापेक्ष 920 लड़कियां और शाहजहांपुर में 1000 लड़कों के सापेक्ष 924, बरेली में 1000 लड़कों के सापेक्ष 949 और बदायूं में 1000 लड़कों के सापेक्ष 962 लड़कियां जन्म ले रही हैं।

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Author: HBC Headlines

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