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यूपीएसएस ने धान खरीद केंद्र आवंटन में की धांधली, तैनात कर दिए प्राइवेट कर्मचारी, फर्जी फर्मों से खरीद की तैयारी

बरेली। यूपीएसएस ने बरेली मंडल में धान खरीद केंद्रों के आवंटन में जमकर धांधली की। फर्जीवाड़ा करने वाली फर्मों को एक सप्ताह बाद भी ब्लैक लिस्ट नहीं किया गया। उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई। बदायूं में एक ही फर्म को 15 धान खरीद केंद्र दे दिए गए।

खाद का ट्रांसपोर्ट भी कर रही धोखाधड़ी वाली बदायूं की फर्म मेहरबान अफसर

बदायूं की एक फर्म यूपीएसएस की खाद का ट्रांसपोर्ट भी कर रही है। इसके अलावा हाल ही में उसने धान खरीद केंद्रों के टेंडर में भी धोखाधड़ी की। निविदा शुल्क और धरोहर राशि की रसीदों में हेर फेर करके टेंडर डाले। इस मामले में जांच चल रही है। इसके बावजूद बदायूं में फर्म को 15 धान खरीद केंद्र दे दिए गए। इस मामले में जब यूपीएसएस के क्षेत्रीय प्रबंधक ओमेंद्र कुमार से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जिला प्रबंधक से बात की जाएगी। लेकिन अभी तक इस मामले में कार्रवाई नहीं की गई। इसके अतिरिक्त यूपीएसएस ने बदायूं में धान खरीद केंद्र खोल दिए। वहां नियमित कर्मचारी नहीं है। प्राइवेट कर्मचारियों को धान खरीद में लगाया जा रहा है। नियमों के विपरीत खरीद करने की तैयारी चल रही है। जब संस्था के पास नियमित कर्मचारी नहीं है तो उन्हें धान खरीद केंद्र खोलने का अधिकार ही नहीं है।

विकास भवन में टेंडर के फर्जीवाड़े में की जांच को दबाए बैठे अफसर

10 अक्टूबर को यूपीएसएस के विकास भवन में लॉटरी के जरिए टेंडर खोले गए थे। 169 फर्मों ने टेंडर डाले थे। निविदा शुल्क 590 रुपये और धरोहर राशि पांच हजार थी। धरोहर राशि और निविदा शुल्क में हेर फेर कर रसीदों की फोटो स्टेट कराकर कई कई फर्मों ने टेंडर डाल दिए। इसमें बांके बिहारी ट्रांसपोर्ट, गणेश एंटरप्राइजेज, मोहित गुप्ता, ऋषभ गुप्ता, सर्वेश कुमारी समेत कई फर्जी रसीदें पाई गई। उनके खिलाफ यूपीएसएस के क्षेत्रीय प्रबंधक ओमेंद्र कुमार को जांच सौंपी गई थी। डीआर कोऑपरेटिव राजेश कुमार ने एक सप्ताह में फर्मों को ब्लैक लिस्ट कर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे। एक सप्ताह बीत जाने के बावजूद भी अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

 

एमडी यूपीएसएस बोले, एक कर्मचारी को तैनात किया, बंद कराए जाएंगे खरीद केंद्र, ब्लैक लिस्ट होंगी सभी फर्म

यूपीएसएस के एमडी वीके सिंह ने बताया कि खरीद क्रय नीति के अनुसार धान खरीद कराई जाएगी। इसमें किसी भी तरह की अनियमितता नहीं चलेगी। उन्होंने कहा कि बदायूं में एक कर्मचारी को तैनात किया गया है। एक कर्मचारी, दो खरीद केंद्र संचालित कर सकता है। यूपीएसएस के अन्य खरीद केंद्र बंद कराए जाएंगे। धोखाधड़ी, जालसाजी करने वाली फर्मों को ब्लैक लिस्ट कर विधिक कार्यवाही की जाएगी। इस मामले में यूपीएसएस का कोई भी अधिकारी और कर्मचारी दोषी मिला तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।

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Author: HBC Headlines

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