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UPSC की प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी कैसे करें, जानिए संस्कृति IAS Coaching सेंटर से

संस्कृति IAS

सफलता प्राप्ति की एक पूरी प्रक्रिया होती है। इसके प्रत्येक चरण में स्वयं को सिद्ध करना होता है। किसी भी चरण में विफलता व्यक्ति को सफलता से दूर कर देती है। इसी प्रकार सिविल सेवा परीक्षा में भी तीन चरण होते हैं। अंतिम रूप से चयनित होने के लिए तीनों चरणों में अच्छा प्रदर्शन करना होता है। प्रारंभिक परीक्षा इस यात्रा का पहला चरण है इसलिए इसका महत्त्व अधिक है। संस्कृति IAS Coaching सेंटर इसमें आपकी मदद कर सकता है। 

UPSC सिविल सेवा परीक्षा की प्रकृति-
इस परीक्षा में कुल तीन चरण होते हैं। प्रारंभिक चरण में दो बहुविकल्पीय प्रश्न पत्र होते हैं, मुख्य परीक्षा में नौ लिखित प्रश्न पत्र होते हैं एवं अंतिम चरण में साक्षात्कार होता है।
प्रारंभिक चरण में 200-200 अंकों के दो प्रश्न पत्र सामान्य अध्ययन-1, सामान्य अध्ययन-2 (CSAT-Civil Services Aptitude Test) होते हैं।

यूँ तो प्रारंभिक परीक्षा Qualifying प्रकृति की होती है लेकिन अगर परीक्षा में शामिल उम्मीदवारों की संख्या एवं प्रतिस्पर्धा के आधार पर देखें तो यह सबसे कठिन परीक्षा है। इस परीक्षा को पास किए बिना आगे के चरणों में शामिल नहीं हो सकते हैं। यह इस चरण के महत्त्व को और भी बढ़ा देता है।
ऐसा कई बार देखने को मिलता है कि मुख्य परीक्षा की तैयारी में कोई कमी नहीं थी। लेकिन प्रारंभिक परीक्षा में सफल न होने की वजह से मुख्य परीक्षा एवं साक्षात्कार में प्रदर्शन से वंचित रह गए और अगले वर्ष आयोजित होने वाली परीक्षा के लिए इन्तजार करना पड़ा। समय के बचाव एवं प्रतीक्षा से बचने के लिए क्यों न कुशल रणनीति के साथ तैयारी करें।

प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी के टिप्स-

  1. तैयारी के दौरान मार्गदर्शन के लिए पाठ्यक्रम देखते रहें।
  2. विगत वर्षों में आए प्रश्नपत्रों का अवलोकन करें। इसके माध्यम से प्रश्नों की प्रकृति को समझने का प्रयास करें।
  3. अधिक से अधिक बहुविकल्पीय प्रश्नों का अभ्यास करें।
  4. टेस्ट सीरीज लगाएं, जो आपके अध्ययन में पैनापन लाएगी।
  5. सामान्य अध्ययन-1 एवं सामान्य अध्ययन-2 दोनों प्रश्न पत्रों की विषय-वस्तु अलग-अलग है लिहाज़ा रणनीति में भी अंतर होगा-

a. सामान्य अध्ययन-1
• सामयिक घटनाएं, इतिहास, भूगोल, भारतीय राज्यतंत्र एवं शासन, आर्थिक एवं सामाजिक विकास, पर्यावरण पारिस्थितिकी और सामान्य विज्ञान आदि को इसके पाठ्यक्रम में सम्मिलित किया गया है।
• NCERT एवं स्टैण्डर्ड बुक्स से इन विषयों को पढ़ें।
• पाठ्यक्रम के मुताबिक परम्परागत ज्ञान में विस्तार करें एवं अख़बार, Website, सोशल मीडिया, मैगजीन आदि स्त्रोतों से दिन-प्रतिदिन की घटनाओं से अद्यतन (Update) करें।
• एक से डेढ़ साल तक की समसामयिक घटनाओं का गहन अध्ययन करें
• विषयवार अध्ययन करें, अधिक स्पष्टता लाने के लिए उस विषय से संबंधित प्रश्नों का अभ्यास करें।
• विषय को पढ़कर स्वयं से भी प्रश्न बनाने का प्रयास करें।
• परीक्षा के अंतिम महीनों में रिवीजन पर बल दें।

b. सामान्य अध्ययन-2 (CSAT)
• इस प्रश्न पत्र में बोधगम्यता, आधारभूत संख्यनन, आंकड़ों का निर्वाचन (चार्ट, ग्राफ, तालिका), सामान्य मानसिक योग्यता आदि विषयों का समावेश किया गया है।
• ये प्रश्न पत्र Qualifying है, आपको कम से कम 33.3 प्रतिशत अंक प्राप्त करने होते हैं।
• कॉम्प्रिहेंशन के एक-तिहाई से अधिक प्रश्न पूछे जाते हैं। रीडिंग स्किल में सुधार इन प्रश्नों के सही होने की सम्भावना को बढ़ा देगा।
• गणित एवं रीजनिंग से संबंधित विषयों को एक बार सीख कर नोट्स बना ले। इनसे जुड़े प्रश्नों का ज्यादा से ज्यादा अभ्यास करें।
• समय प्रबंधन के लिए, विगत वर्षों के पेपर या टेस्ट सीरीज को नियत समय पर हल करने की प्रयास करें।
• कॉम्प्रिहेंशन, गणित, रीजनिंग तीनों से प्रश्न हल करने की रणनीति बनाएं। किसी एक विषय पर निर्भर होकर परीक्षा देने जाना जोखिम भरा है।

  1. प्रारंभिक परीक्षा में निगेटिव मार्किंग का प्रावधान है, समझ से परे प्रश्नों पर तुक्का न लगाएं। दुविधा वाले प्रश्न हल कर सकते हैं, बशर्ते उस विकल्प का चुनाव करें जिस पर समझ का झुकाव ज्यादा है।
    प्रारंभिक परीक्षा, UPSC सिविल सेवा परीक्षा की पहली सीढ़ी है, जो आगे के चरणों के लिए मार्ग प्रशस्त करेगी। उपर्युक्त टिप्स तैयारी को सम्पूर्णता प्रदान कर सफलता प्राप्ति में लगने वाले समय को कम कर देंगे।
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Author: HBC Headlines

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