HBC Headlines

Search
Close this search box.

Padmini Ekadashi 2023: कब है पद्मिनी एकादशी? बन रहे 2 शुभ योग, लेकिन सुबह से ही लगेगी भद्रा, जानें मुहूर्त, पारण समय और महत्व

हाइलाइट्स

इस व्रत को करने से यश बढ़ता है और मृत्यु के बाद वैकुंठ की प्राप्ति होती है.
पद्मिनी एकादशी के दिन विष्णु पूजा का मुहूर्त सुबह 07 बजकर 22 मिनट से है.
सुबह 05 बजकर 41 मिनट से भद्रा का प्रारंभ हो रहा है.

Padmini Ekadashi 2023 Date: अधिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पद्मिनी एकादशी का व्रत रखा जाता है. पद्मिनी एकादशी को कमला एकादशी भी कहते हैं. इस दिन व्रत रखकर भगवान विष्णु की विधि विधान से पूजा करते हैं. इस व्रत को करने से यश बढ़ता है और मृत्यु के बाद वैकुंठ की प्राप्ति होती है. जो लोग पुत्र प्राप्ति की मनोकामना से पद्मिनी एकादशी का व्रत करते हैं, उनको पुत्र की प्राप्ति होती है.
पद्मिनी एकादशी की कथा में बताया गया है कि राजा कृतवीर्य की रानि पद्मिनी ने इस व्रत को विधि विधान से किया तो उनको पुत्र की प्राप्ति हुई. जो पद्मिनी एकादशी व्रत कथा को सुनता है, उसकी कीर्ति बढ़ती है. केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय पुरी के ज्योतिषाचार्य डॉ. गणेश मिश्र से जानते हैं कि पद्मिनी एकादशी व्रत कब है? पूजा का मुहूर्त, भद्रा समय और पारण कब है?

पद्मिनी एकादशी 2023 तिथि
हिंदू कैलेंडर के अनुसार, श्रावण अधिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 28 जुलाई शुक्रवार को दोपहर 02 बजकर 51 मिनट पर शुरू हो रही है और इसकी समाप्ति 29 जुलाई शनिवार को दोपहर 01 बजकर 05 मिनट पर होगी. ऐसे में पद्मिनी एकादशी का व्रत 29 जुलाई शनिवार को रखा जाएगा.

यह भी पढ़ें: मलमास के 30 दिन करें ये आसान उपाय, लक्ष्मी-नारायण रहेंगे प्रसन्न, धन की कमी होगी दूर, मनोकामनाएं होंगी पूर्ण

पद्मिनी एकादशी 2023 विष्णु पूजा मुहूर्त
29 जुलाई को पद्मिनी एकादशी के दिन विष्णु पूजा का मुहूर्त सुबह 07 बजकर 22 मिनट से सुबह 09 बजकर 04 मिनट तक है. यह शुभ उत्तम मुहूर्त है. इसके अलावा दोपहर में पद्मिनी एकादशी व्रत पूजा का शुभ समय 12 बजकर 27 मिनट से शाम 05 बजकर 33 मिनट तक है.

ज्येष्ठा नक्षत्र और दो शुभ योग में पद्मिनी एकादशी
इस साल पद्मिनी एकादशी पर दो शुभ योग बने हैं. उस दिन ब्रह्म योग प्रात:काल से लेकर सुबह 09 बजकर 34 मिनट तक है. उसके बाद से इंद्र योग प्रारंभ हो जाएगा. ये दोनों ही योग शुभ हैं. वहीं ज्येष्ठा नक्षत्र सुबह से लेकर रात 11 बजकर 35 मिनट तक है, उसके बाद से मूल नक्षत्र है.

यह भी पढ़ें: कब है सावन की पहली विनायक चतुर्थी? बन रहा रवि योग, भद्रा का साया, देखें गणेश पूजा मुहूर्त

पद्मिनी एकादशी पर सुबह से भद्रा
29 जुलाई को पद्मिनी एकादशी के दिन सुबह 05 बजकर 41 मिनट से भद्रा का प्रारंभ हो रहा है. यह भद्रा दोपहर 01 बजकर 05 मिनट तक है. हालांकि यह स्वर्ग की भद्रा है.

पद्मिनी एकादशी 2023 पारण समय
जो लोग 29 जुलाई को पद्मिनी एकादशी का व्रत रखेंगे, वे व्रत का पारण अगले दिन 30 जुलाई रविवार को करेंगे. 30 जुलाई को पद्मिनी एकादशी व्रत के पारण का समय सुबह 05 जकर 41 मिनट से लेकर सुबह 08 बजकर 24 मिनट तक है. इस दिन द्वादशी तिथि का समापन सुबह 10 बजकर 34 मिनट पर होगा.

पद्मिनी एकादशी व्रत का महत्व
सभी एकादशी व्रतों के समान ही पद्मिनी एकादशी पर भी भगवान विष्णु की पूजा करते हैं, लेकिन यह एकादशी हर 3 साल पर तब आती है, जब अधिक मास लगता है. पद्मिनी एकादशी व्रत करने से संतान, यश और वैकुंठ की प्राप्ति होती है.

Tags: Dharma Aastha, Lord vishnu

Source link

HBC Headlines
Author: HBC Headlines

यह भी पढ़ें

टॉप स्टोरीज